हे भगवान ! ये है क्या धर्मनिरपेक्ष भारत ?

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संत रामपाल जी महाराज के जवाब से हाईकोर्ट असंतुष्ट, पूछा कैसे कैसे दायर कर सकते हो याचिका




सतलोक आश्रम प्रमुख संत रामपाल जी महाराज की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याची से पूछा कि कोई ऐसा कानून बताएं जो साबित करता हो कि जेल में बंद कोई व्यक्ति जनहित याचिका दाखिल कर सकता है। 

इस पर संत रामपाल जी महाराज ने कहा कि जब देश के नेता जेल में रहते हुए चुनाव लड़ सकते हैं, तो लोगों के हित को देखते हुए वह जनहित याचिका क्यों नहीं दाखिल कर सकता। 

हाईकोर्ट ने संत रामपाल जी महाराज के इस जवाब पर असंतुष्टि जाहिर की। साथ ही इससे जुड़े जजमेंट अदालत में पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर तक स्थगित कर दी गई है। 

गीता जयंती पर 95 करोड़ खर्च धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ : संत रामपाल जी महाराज



संत रामपाल जी महाराज ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका के जरिये कहा है कि कुरुक्षेत्र में गीता जयंती महोत्सव के आयोजन पर सरकार की ओर से 95 करोड़ रुपये खर्च किया जाना धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है।

क्या आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को पीआईएल (जनहित याचिका) दायर करने का अधिकार है:—पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा

 मैं पूछना चाहता हूं कि :–

• पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में क्या संत रामपाल जी महाराज जी पर आरोप साबित हो चुके हैं ? जो उन्हें अपराधिक छवि वाला व्यक्ति कहा जा रहा है?

•क्या जिसके ऊपर आरोप लगे हैं वह जनहित याचिका दायर नहीं कर सकता ?

• क्या वह जनता से जुड़े मुद्दे ,जनता के कल्याण की बातें नहीं कर सकता ।

•क्या यह संविधान में किसी अनुच्छेद या किसी धारा में लिखा हुआ है?

LORD KABIR

 


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Banti Kumar

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