Tag dayanand saraswati bhajan

दयानंद : पैदाइशी महामुर्ख – दयानन्द का पर्दाफाश (भाग-10)

दयानंद पैदाइशी महामुर्ख दयानंद यजुर्वेद ३०/२१ का भाष्य करते हुए लिखते हैं – अग्नये पीवानं पृथिव्यै पीठसर्पिणं वायवे चाण्डालम् अन्तरिक्षाय वम्ँ शनर्तिनं दिवे खलतिम्ँ सूर्याय हर्यक्षं नक्षत्रेभ्यः किर्मिरं चन्द्रमसे किलासम् अह्ने शुक्लं पिङ्गाक्षम्ँ रात्र्यै कृष्णं पिङ्गाक्षम् ॥ (यजुर्वेद ३०/२१) हे…

Read Full Articleदयानंद : पैदाइशी महामुर्ख – दयानन्द का पर्दाफाश (भाग-10)