naam diksha ad

दिवाली पर्व : सांप के निकल जाने के बाद लकीर पीटने जैसा

Share this Article:-
Rate This post❤️

दिवाली पर्व : सांप के निकल जाने के बाद लकीर पीटने जैसा

“सच कहुँ तो जग ना माने , और झुठ कही ना जाई हो”



दीवाली पर्व का उत्सव पूरे देश में जोरों पर है और पूरा देश सांप के निकलने के बाद पीटे जाने वाली लकीर वाली कहावत को दोहरा रहा है जिसका कोई फायदा नहीं होता ,
भारत संतो की भूमि है और जहाँ तक मैं संतो को जानता हूँ चाहे वो कबीर जी हो या गुरु नानक जी या मीरा बाई और धना भगत जैसे भगत हो किसी ने भी समाज में चली इन परम्पराओं को नहीं माना बल्कि उस सच्चे परमात्मा की पूजा की ।

और इन संतो ने अपनी बाणी में बार बार लिखा है कि भगवान् के भगत के लिए हर दिन विशेष होता है उनका हर दिन पर्व होता है वो कहते भी हैं :

लाली मेरे लाल की जहां देखू वहां लाल ।
लाली देखन में गयी मैं भी हो गयी लाल ।।

गुरु नानक जी कहते हैं :

न जाने काल की कर दारे किस विधि डल जा पासा वे ।
जिन्हा दे सर ते मौत खुध्क्दी ओना नु कादा हाँसा वे ।।

यानी इस काल में झूठी खुशियों से काम नहीं चलता क्या पता क्या कहर टूट जाए और फिर भगती तो इंसान को शान्ति सिखाती हैं न कि पटाखे और नाच गाने गाकर जलूस निकालना ये त्यौहार और आडम्बर तो सिर्फ जनता को ठगने के लिए पाखंड फैलाने वालो की सोच हैं ।

जेसी भगवान् राम की पूरी जिन्दगी संघर्ष और दुख में गुजरी हो भला उसके नाम का पर्व बनाने से क्या लाभ , 14 साल का बनवास , सीता हरण , पीता का शोक ,पत्नी का त्याग , और लव कुश द्वारा हार का सामना और फिर सरयू नदी में आत्महत्या करना उनके दुःख की कहानी बयाँ करता हैं ,फिर वो राम कैसे हमें सुख दे सकता है

 Instagram Pic

A post shared by Banti Kumar (@banti_bro) on

फिर गीता जी में भी लिखा है कि :

उत्तम पुरुषः तु अन्य, परमात्मा इति उद्धार त:

यानी वो उत्तम पुरुष यानी भगवान् तो अन्य ही हैं जो हमारा उद्धार कर सकता है

कुछ भाई बहन अपनी देश भगती का प्रमाण दे रहे हैं और कह रहे हैं कि हम चाइना के पटाखे नहीं चलाने वाले जो कि आसमान से गीरे और खंजुर पर अटके वाली बात है , भला जहर तो जहर ही होता है चाहे वो पड़ोसी के घर का हो या अपने घर का , क्या भारत के पटाखों से प्रदूषण नहीं होगा , क्या लाखो जीव इस प्रदूषण से नहीं मारे जायेगे , या भारत सरकार ने सी एन जी गैस से पटाखे बनाए है क्यूँ ढोंग करते हो
कुछ टुचे किस्म के लोग इस इन जुआ भी खेलते है जिसका न भगवान् से कोई संबध न भगती से ।

सच्च कहना और सहना सीखें

सत साहेब
अवश्य पढ़े पुस्तक ज्ञान गंगा
जरुर देखें साधन चैनल रात 7.40 से 8.40 तक

13 हजार से ज्यादा लोगो ने सब्सक्राइब किया है आप भी कीजिये। Subscribeकरने के लिए यहां क्लिक करें।

सच्च कहता हूँ तो रिश्ते टूट जाते हैं झूठ कहूँ तो खुद टूट जाता हूँ

सत साहेब

LORD KABIR

 


Share this Article:-
Banti Kumar
Banti Kumar

📽️Video 📷Photo Editor | ✍️Blogger | ▶️Youtuber | 💡Creator | 🖌️Animator | 🎨Logo Designer | Proud Indian

Articles: 371

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

naam diksha ad
Trustpilot